Correct Answer:
Option A - निम्न तापक्रम पर कंक्रीट का प्रभाव–
(i) जलयोजन क्रिया धीमी हो जाती है
(ii) कंक्रीट को कठोर होने में ज्यादा समय लगता है।
(iii) निर्माण कार्य की लागत बढ़ जाती है।
(iv) कंक्रीट का तापक्रम 0ºC से नीचे गिरने पर इसमें विद्यमान पानी जमने लगता है और बर्फ का आयतन समान मात्रा के पानी से अधिक होता है। परिणामस्वरूप कंक्रीट का बिखराव होने लगता है और संरचना की सामर्थ्य घट जाती है।
(v) फरमाबन्दी लम्बे समय तक बनाये रखनी पड़ती है।
■ ताजे बिछाए गए कंक्रीट के जमने से कंक्रीट के केशिका कैविटी में आइस लेंस के निर्माण के फलस्वरूप कंक्रीट की सामर्थ्य कम हो जाती है।
A. निम्न तापक्रम पर कंक्रीट का प्रभाव–
(i) जलयोजन क्रिया धीमी हो जाती है
(ii) कंक्रीट को कठोर होने में ज्यादा समय लगता है।
(iii) निर्माण कार्य की लागत बढ़ जाती है।
(iv) कंक्रीट का तापक्रम 0ºC से नीचे गिरने पर इसमें विद्यमान पानी जमने लगता है और बर्फ का आयतन समान मात्रा के पानी से अधिक होता है। परिणामस्वरूप कंक्रीट का बिखराव होने लगता है और संरचना की सामर्थ्य घट जाती है।
(v) फरमाबन्दी लम्बे समय तक बनाये रखनी पड़ती है।
■ ताजे बिछाए गए कंक्रीट के जमने से कंक्रीट के केशिका कैविटी में आइस लेंस के निर्माण के फलस्वरूप कंक्रीट की सामर्थ्य कम हो जाती है।