Correct Answer:
Option D - वर्णों की ध्वनियों का ज्ञान न होने पर तथा उच्चारण सम्बन्धी अभ्यास की कमी होने पर हम अशुद्ध उच्चारण के दोष से युक्त हो जाते हैं। प्रयत्न-लाघव भाषा विज्ञान की दृष्टि से भाषागत दोष है जबकि सस्वरवाचन उच्चारण की वैदिक परम्परा है।
D. वर्णों की ध्वनियों का ज्ञान न होने पर तथा उच्चारण सम्बन्धी अभ्यास की कमी होने पर हम अशुद्ध उच्चारण के दोष से युक्त हो जाते हैं। प्रयत्न-लाघव भाषा विज्ञान की दृष्टि से भाषागत दोष है जबकि सस्वरवाचन उच्चारण की वैदिक परम्परा है।