Correct Answer:
Option C - ऐसे समस्त व्यय जिनकी सेवाएँ तो प्राप्त कर ली जाती है परन्तु उनका भुगतान आर्थिक चिट्ठा बनाते समय देय होता है अदत्त व्यय कहलाते है। अदत्त व्यय चूँकि मजदूरी, किराया तथा वेतन आदि के भुगतान प्राप्त करने वाले व्यक्ति का प्रतिनिधित्व करते है, इसलिए अदत्त व्यय खातों को प्रतिनिधी व्यक्तिगत खाते की श्रेणी में रखा जाता है। इससे सम्बन्धित जर्नल प्रविष्टियाँ इस प्रकार होती है-
Expences A/c Dr.
To Outstanding Expences A/c
(Being Adjustment of Outstanding Expences)
Note-- अदत्त व्यय की राशि को व्यापार या लाभ-हानि खाते के सम्बन्धित व्यय में जोड़ देते है तथा आर्थिक चिट्ठे (B/S) में दायित्व पक्ष में लिखते है।
C. ऐसे समस्त व्यय जिनकी सेवाएँ तो प्राप्त कर ली जाती है परन्तु उनका भुगतान आर्थिक चिट्ठा बनाते समय देय होता है अदत्त व्यय कहलाते है। अदत्त व्यय चूँकि मजदूरी, किराया तथा वेतन आदि के भुगतान प्राप्त करने वाले व्यक्ति का प्रतिनिधित्व करते है, इसलिए अदत्त व्यय खातों को प्रतिनिधी व्यक्तिगत खाते की श्रेणी में रखा जाता है। इससे सम्बन्धित जर्नल प्रविष्टियाँ इस प्रकार होती है-
Expences A/c Dr.
To Outstanding Expences A/c
(Being Adjustment of Outstanding Expences)
Note-- अदत्त व्यय की राशि को व्यापार या लाभ-हानि खाते के सम्बन्धित व्यय में जोड़ देते है तथा आर्थिक चिट्ठे (B/S) में दायित्व पक्ष में लिखते है।