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Q: उपरोक्त प्रश्न में दो वक्तव्य दिये गये हैं। जिनमें एक को कथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है। इन दोनों वक्तव्यों का सावधानीपूर्ण परीक्षण कर इन प्रश्नों का उत्तर नीचे दिए गए कूट की सहायता से चुनिए─ कथन (A) : मुहम्मद बिन तुगलक दिल्ली छोड़ने के बाद दो वर्षों तक स्वर्ग-द्वारी नामक शिविर में रहा। कारण (R) : उस समय दिल्ली एक प्रकार के प्लेग से बर्बाद हो गयी थी और बहुत से लोग मर गए थे। कूट :
  • A. A और R दोनों सही हैं और R, A का सही स्पष्टीकरण है
  • B. A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है
  • C. A सही है, परन्तु R गलत है
  • D. A गलत है, परन्तु R सही है
Correct Answer: Option A - मुहम्मद बिन तुगलक का समय उसकी असफल योजनाओं के साथ प्राकृतिक आपदाओं के लिए भी जाना जाता है। इसी क्रम में उसके राज्य में 12 वर्ष का अकाल पड़ा। इसके कारण देश के विभिन्न हिस्सों से लोग केन्द्र की तरफ पलायन करने लगे। अचानक जनसंख्या दबाव बढ़ने एवं उसके अनुरूप सुविधाओं के अभाव के कारण महामारी पैâल गयी। इस समय सुल्तान ने स्वर्ग-द्वारी नामक अस्थायी शिविर में निवास किया। यह शिविर गंगा नदी के किनारे बिलग्राम के पास अवस्थित था। सुल्तान ने काफी राहत के उपाय किये और करों को माफ कर दिया। अन्य योजनाओं की तरह इस समस्या के समाधान में भी सुल्तान पूर्णत: सफल नहीं रहा।
A. मुहम्मद बिन तुगलक का समय उसकी असफल योजनाओं के साथ प्राकृतिक आपदाओं के लिए भी जाना जाता है। इसी क्रम में उसके राज्य में 12 वर्ष का अकाल पड़ा। इसके कारण देश के विभिन्न हिस्सों से लोग केन्द्र की तरफ पलायन करने लगे। अचानक जनसंख्या दबाव बढ़ने एवं उसके अनुरूप सुविधाओं के अभाव के कारण महामारी पैâल गयी। इस समय सुल्तान ने स्वर्ग-द्वारी नामक अस्थायी शिविर में निवास किया। यह शिविर गंगा नदी के किनारे बिलग्राम के पास अवस्थित था। सुल्तान ने काफी राहत के उपाय किये और करों को माफ कर दिया। अन्य योजनाओं की तरह इस समस्या के समाधान में भी सुल्तान पूर्णत: सफल नहीं रहा।

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मुहम्मद बिन तुगलक का समय उसकी असफल योजनाओं के साथ प्राकृतिक आपदाओं के लिए भी जाना जाता है। इसी क्रम में उसके राज्य में 12 वर्ष का अकाल पड़ा। इसके कारण देश के विभिन्न हिस्सों से लोग केन्द्र की तरफ पलायन करने लगे। अचानक जनसंख्या दबाव बढ़ने एवं उसके अनुरूप सुविधाओं के अभाव के कारण महामारी पैâल गयी। इस समय सुल्तान ने स्वर्ग-द्वारी नामक अस्थायी शिविर में निवास किया। यह शिविर गंगा नदी के किनारे बिलग्राम के पास अवस्थित था। सुल्तान ने काफी राहत के उपाय किये और करों को माफ कर दिया। अन्य योजनाओं की तरह इस समस्या के समाधान में भी सुल्तान पूर्णत: सफल नहीं रहा।