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Q: Trying to listen from a distance may be the symptom of which impairment ? दूर से सुनने का प्रयास करना किस दोष का लक्षण हो सकता है ? I. Visual impairment I. दृश्य दोष II. Hearing impairment II. श्रवण दोष
  • A. Only I/केवल I
  • B. Both I and II/I तथा II दोनों
  • C. Only II/केवल II
  • D. Neither I nor II /ना ही I ना ही II
Correct Answer: Option C - दूर से सुनने का प्रयास करना श्रवण दोष का लक्षण होता है। राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संगठन (1991) के अनुसार ‘‘श्रवण बाधित उसे कहा जाता है, जो सामान्य रूप से सामान्य ध्वनि को सुनने में अक्षम हो।’’ भारतीय पुनर्वास परिषद के अनुसार, ‘‘जब बधिरता 70 डेसीबल हो, तो व्यवसायिक तथा जब 55 डेसिबल तक हो, तो उसे शिक्षा के लिये प्रयोग में लेना चाहिए।’’ योजना आयोग एवं विकलांग जन अधिनियम (1995) के अनुसार, ‘‘वह व्यक्ति श्रवण बाधित कहा जाएगा, जो 60 डेसिबल या उससे अधिक डेसिबल पर सुनने की क्षमता रखता हो।’’ उपर्युक्त परिभाषाओं से यह स्पष्ट होता है कि जब व्यक्ति सुनने में असक्षम हो तथा दूसरों की सहायता लेता है, उससे यह ज्ञात होता है कि व्यक्ति को श्रवण दोष है। श्रवण दोष एक अदृश्य एवं छुपी हुई विकलांगता है, जो देखने से नहीं दिखाई देती है।
C. दूर से सुनने का प्रयास करना श्रवण दोष का लक्षण होता है। राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संगठन (1991) के अनुसार ‘‘श्रवण बाधित उसे कहा जाता है, जो सामान्य रूप से सामान्य ध्वनि को सुनने में अक्षम हो।’’ भारतीय पुनर्वास परिषद के अनुसार, ‘‘जब बधिरता 70 डेसीबल हो, तो व्यवसायिक तथा जब 55 डेसिबल तक हो, तो उसे शिक्षा के लिये प्रयोग में लेना चाहिए।’’ योजना आयोग एवं विकलांग जन अधिनियम (1995) के अनुसार, ‘‘वह व्यक्ति श्रवण बाधित कहा जाएगा, जो 60 डेसिबल या उससे अधिक डेसिबल पर सुनने की क्षमता रखता हो।’’ उपर्युक्त परिभाषाओं से यह स्पष्ट होता है कि जब व्यक्ति सुनने में असक्षम हो तथा दूसरों की सहायता लेता है, उससे यह ज्ञात होता है कि व्यक्ति को श्रवण दोष है। श्रवण दोष एक अदृश्य एवं छुपी हुई विकलांगता है, जो देखने से नहीं दिखाई देती है।

Explanations:

दूर से सुनने का प्रयास करना श्रवण दोष का लक्षण होता है। राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संगठन (1991) के अनुसार ‘‘श्रवण बाधित उसे कहा जाता है, जो सामान्य रूप से सामान्य ध्वनि को सुनने में अक्षम हो।’’ भारतीय पुनर्वास परिषद के अनुसार, ‘‘जब बधिरता 70 डेसीबल हो, तो व्यवसायिक तथा जब 55 डेसिबल तक हो, तो उसे शिक्षा के लिये प्रयोग में लेना चाहिए।’’ योजना आयोग एवं विकलांग जन अधिनियम (1995) के अनुसार, ‘‘वह व्यक्ति श्रवण बाधित कहा जाएगा, जो 60 डेसिबल या उससे अधिक डेसिबल पर सुनने की क्षमता रखता हो।’’ उपर्युक्त परिभाषाओं से यह स्पष्ट होता है कि जब व्यक्ति सुनने में असक्षम हो तथा दूसरों की सहायता लेता है, उससे यह ज्ञात होता है कि व्यक्ति को श्रवण दोष है। श्रवण दोष एक अदृश्य एवं छुपी हुई विकलांगता है, जो देखने से नहीं दिखाई देती है।