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Q: ‘धर्मक्षेत्रे–कुरुक्षेत्रे’ कहानी के लेखक है–
  • A. महीप सिंह
  • B. कमलेश्वर
  • C. हिमांशु जोशी
  • D. दूधनाथ सिंह
Correct Answer: Option D - धर्मक्षेत्रे-कुरुक्षेत्रे (2002) कहानी के लेखक दूधनाथ सिंह हैं। इनके अन्य कहानी संग्रह–सपाट चेहरे वाला आदमी (1967), सुखांत (1971), पहला कदम (1976), माई का शोक गीत (1992), नमो अंधकारम् (1998), निष्कासन (2002) है। कमलेश्वर के कहानी संग्रह– राजा निरबंसिया (1957), कस्बे का आदमी (1958), खोई हुई दिशाएँ (1963), मांस का दरिया (1966), आजादी मुबारक (2002)। महीप सिंह के कहानी संग्रह– सुबह के फूल (1959), उजाले के उल्लू (1964), घिराव (1968), कुछ और कितना (1973), दिल्ली कहाँ है (1985) हिमांशु जोशी के कहानी संग्रह– अन्तत: (1965), रथचक्र (1975), मनुष्य चिह्न (1976), जलते हुए डैने (1980), सागर तट के शहर (2005)।
D. धर्मक्षेत्रे-कुरुक्षेत्रे (2002) कहानी के लेखक दूधनाथ सिंह हैं। इनके अन्य कहानी संग्रह–सपाट चेहरे वाला आदमी (1967), सुखांत (1971), पहला कदम (1976), माई का शोक गीत (1992), नमो अंधकारम् (1998), निष्कासन (2002) है। कमलेश्वर के कहानी संग्रह– राजा निरबंसिया (1957), कस्बे का आदमी (1958), खोई हुई दिशाएँ (1963), मांस का दरिया (1966), आजादी मुबारक (2002)। महीप सिंह के कहानी संग्रह– सुबह के फूल (1959), उजाले के उल्लू (1964), घिराव (1968), कुछ और कितना (1973), दिल्ली कहाँ है (1985) हिमांशु जोशी के कहानी संग्रह– अन्तत: (1965), रथचक्र (1975), मनुष्य चिह्न (1976), जलते हुए डैने (1980), सागर तट के शहर (2005)।

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धर्मक्षेत्रे-कुरुक्षेत्रे (2002) कहानी के लेखक दूधनाथ सिंह हैं। इनके अन्य कहानी संग्रह–सपाट चेहरे वाला आदमी (1967), सुखांत (1971), पहला कदम (1976), माई का शोक गीत (1992), नमो अंधकारम् (1998), निष्कासन (2002) है। कमलेश्वर के कहानी संग्रह– राजा निरबंसिया (1957), कस्बे का आदमी (1958), खोई हुई दिशाएँ (1963), मांस का दरिया (1966), आजादी मुबारक (2002)। महीप सिंह के कहानी संग्रह– सुबह के फूल (1959), उजाले के उल्लू (1964), घिराव (1968), कुछ और कितना (1973), दिल्ली कहाँ है (1985) हिमांशु जोशी के कहानी संग्रह– अन्तत: (1965), रथचक्र (1975), मनुष्य चिह्न (1976), जलते हुए डैने (1980), सागर तट के शहर (2005)।