Correct Answer:
Option D - पानी से गंदलापन दूर करने के लिए मुख्य रूप से ऊर्णन और अवसादन विधि का प्रयोग किया जाता है। स्कन्दन की मात्रा इतनी रखी जाती है कि पानी का गन्दलापन घटकर 10 से 20 PPM तक रह जाये। अधिक गंदलेपन के लिये स्कन्दक की अधिक मात्रा की आवश्यकता पड़ती है। ऊर्णन निलम्बित अशुद्धियों को अस्थिर गुणों के कारण बड़े कणों में एकत्रित होने की अनुमति देता है, जिन्हें अवसादन के माध्यम से गुरुत्वाकर्षण द्वारा हटाया जाता है।
D. पानी से गंदलापन दूर करने के लिए मुख्य रूप से ऊर्णन और अवसादन विधि का प्रयोग किया जाता है। स्कन्दन की मात्रा इतनी रखी जाती है कि पानी का गन्दलापन घटकर 10 से 20 PPM तक रह जाये। अधिक गंदलेपन के लिये स्कन्दक की अधिक मात्रा की आवश्यकता पड़ती है। ऊर्णन निलम्बित अशुद्धियों को अस्थिर गुणों के कारण बड़े कणों में एकत्रित होने की अनुमति देता है, जिन्हें अवसादन के माध्यम से गुरुत्वाकर्षण द्वारा हटाया जाता है।