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Q: Value of money refers to मुद्रा के मूल्य से तात्पर्य है
  • A. Gold purchased by money मुद्रा के माध्यम से खरीदे गये स्वर्ण से
  • B. General purchasing power of money मुद्रा की सामान्य क्रय शक्ति से
  • C. Demand for money//मुद्रा के लिए मांग से
  • D. Value intrinsic in money मुद्रा में अंतर्निहित मूल्य से
Correct Answer: Option B - सामान्यत: मुद्रा के मूल्य का तात्पर्य मुद्रा की सामान्य क्रय शक्ति से होता है। दूसरे शब्दों में मुद्रा का मूल्य उसकी क्रय शक्ति है अर्थात् मुद्रा जो कुछ खरीद सकती है। सीलिगमैन ने लिखा है कि ‘‘मुद्रा की मूल्य मुद्रा की क्रयशक्ति होती है और इसे वस्तुओं के सामान्य मूल्य स्तर से जाना जा सकता है। जब तक मुद्रा के मूल्य को कोई हेर-फेर या बदलाव न हो तब तक वस्तुओं के सामान्य मूल्य स्तर में कोई परिवर्तन नहीं हो सकता है।’’
B. सामान्यत: मुद्रा के मूल्य का तात्पर्य मुद्रा की सामान्य क्रय शक्ति से होता है। दूसरे शब्दों में मुद्रा का मूल्य उसकी क्रय शक्ति है अर्थात् मुद्रा जो कुछ खरीद सकती है। सीलिगमैन ने लिखा है कि ‘‘मुद्रा की मूल्य मुद्रा की क्रयशक्ति होती है और इसे वस्तुओं के सामान्य मूल्य स्तर से जाना जा सकता है। जब तक मुद्रा के मूल्य को कोई हेर-फेर या बदलाव न हो तब तक वस्तुओं के सामान्य मूल्य स्तर में कोई परिवर्तन नहीं हो सकता है।’’

Explanations:

सामान्यत: मुद्रा के मूल्य का तात्पर्य मुद्रा की सामान्य क्रय शक्ति से होता है। दूसरे शब्दों में मुद्रा का मूल्य उसकी क्रय शक्ति है अर्थात् मुद्रा जो कुछ खरीद सकती है। सीलिगमैन ने लिखा है कि ‘‘मुद्रा की मूल्य मुद्रा की क्रयशक्ति होती है और इसे वस्तुओं के सामान्य मूल्य स्तर से जाना जा सकता है। जब तक मुद्रा के मूल्य को कोई हेर-फेर या बदलाव न हो तब तक वस्तुओं के सामान्य मूल्य स्तर में कोई परिवर्तन नहीं हो सकता है।’’