Explanations:
धनुष्टंकार: पदस्य सन्धि विच्छेदोऽस्ति ``धनुस् + टंकार:''। धनुष्टंकार पद का सन्धि विच्छेद धनुस् + टंकार: है यहाँ सकार से टवर्ग परे होने पर `ष्टुनाष्टु:' सूत्र से ष्टुत्व होकर `धनुष्टंकार' सिद्ध होता है। परन्तु धनु: + टंकार होने पर `कस्कादिषु च' सूत्र से इण् के बाद विसर्ग को षकार आदेश होकर `धनुष्टंकार' सिद्ध होता है। अत: बिहार आयोग ने इसका विकल्प (c) माना है।