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Q: `धनुष्टंकार:' पदस्य सन्धिविच्छेदोऽस्ति
  • A. धनु: + टकार:
  • B. धनुश् + टकार:
  • C. धनुस् + टंकार:
  • D. एकाधिकविकल्पा उपयुक्ता:
  • E. न कोऽपि उपयुक्त:
Correct Answer: Option C - धनुष्टंकार: पदस्य सन्धि विच्छेदोऽस्ति ``धनुस् + टंकार:''। धनुष्टंकार पद का सन्धि विच्छेद धनुस् + टंकार: है यहाँ सकार से टवर्ग परे होने पर `ष्टुनाष्टु:' सूत्र से ष्टुत्व होकर `धनुष्टंकार' सिद्ध होता है। परन्तु धनु: + टंकार होने पर `कस्कादिषु च' सूत्र से इण् के बाद विसर्ग को षकार आदेश होकर `धनुष्टंकार' सिद्ध होता है। अत: बिहार आयोग ने इसका विकल्प (c) माना है।
C. धनुष्टंकार: पदस्य सन्धि विच्छेदोऽस्ति ``धनुस् + टंकार:''। धनुष्टंकार पद का सन्धि विच्छेद धनुस् + टंकार: है यहाँ सकार से टवर्ग परे होने पर `ष्टुनाष्टु:' सूत्र से ष्टुत्व होकर `धनुष्टंकार' सिद्ध होता है। परन्तु धनु: + टंकार होने पर `कस्कादिषु च' सूत्र से इण् के बाद विसर्ग को षकार आदेश होकर `धनुष्टंकार' सिद्ध होता है। अत: बिहार आयोग ने इसका विकल्प (c) माना है।

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धनुष्टंकार: पदस्य सन्धि विच्छेदोऽस्ति ``धनुस् + टंकार:''। धनुष्टंकार पद का सन्धि विच्छेद धनुस् + टंकार: है यहाँ सकार से टवर्ग परे होने पर `ष्टुनाष्टु:' सूत्र से ष्टुत्व होकर `धनुष्टंकार' सिद्ध होता है। परन्तु धनु: + टंकार होने पर `कस्कादिषु च' सूत्र से इण् के बाद विसर्ग को षकार आदेश होकर `धनुष्टंकार' सिद्ध होता है। अत: बिहार आयोग ने इसका विकल्प (c) माना है।