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Q: What are the aims and objectives of Yoga education? योग शिक्षा के उद्देश्य और लक्ष्य क्या है ? I. It enables the students to have a good fitness. I. यह छात्रों को अच्छी फिटनेस रखने में सक्षम बनाती है। II. It makes student living beings capable of having emotional stability. II. यह छात्रों को संवेगनात्मक स्थिरता रखने में सक्षम बनाती है। III. It integrates moral and spiritual values. III. यह नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को एकीकृत करती है।
  • A. Only III/केवल III
  • B. I, II and III/I, II तथा III
  • C. Only I/केवल I
  • D. II and III/II तथा III
Correct Answer: Option B - योग का व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्व है। व्यक्ति का सर्वांगीण विकास हो, इसके लिए योग एक महत्वपूर्ण साधन है। योग साधना एक ऐसी सरल तथा सफल साधना है जिसके द्वारा व्यक्ति का विकास ही नहीं वरन् सभी समाज, राष्ट्र तथा अन्त में सम्पूर्ण मानवता का कल्याण हो सकता है। योग शिक्षा का लक्ष्य माध्यमिक विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों के छात्र छात्राओं के लिए अनिवार्य किया जाना चाहिए, जिससे देश की युवा, पीढ़ी का सर्वांगीण विकास हो सके। योग शिक्षा के निम्नलिखित उद्देश्य हो सकते हैं– 1.योग साधना के माध्यम से विद्यार्थियों के आत्मिक तथा आध्यात्मिक विकास में सहायता करना। 2. यह छात्रों को संवेगात्मक स्थिरता रखने में सक्षम बनाती है। 3. विद्यार्थियों के शारीरिक विकास का मार्ग प्रशस्त करना। 4. युवा वर्ग को विभिन्न रोगों से ग्रसित न होने देना। 5. योग साहित्य तथा योग आचरण से उनमें अच्छे संस्कार डालना।
B. योग का व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्व है। व्यक्ति का सर्वांगीण विकास हो, इसके लिए योग एक महत्वपूर्ण साधन है। योग साधना एक ऐसी सरल तथा सफल साधना है जिसके द्वारा व्यक्ति का विकास ही नहीं वरन् सभी समाज, राष्ट्र तथा अन्त में सम्पूर्ण मानवता का कल्याण हो सकता है। योग शिक्षा का लक्ष्य माध्यमिक विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों के छात्र छात्राओं के लिए अनिवार्य किया जाना चाहिए, जिससे देश की युवा, पीढ़ी का सर्वांगीण विकास हो सके। योग शिक्षा के निम्नलिखित उद्देश्य हो सकते हैं– 1.योग साधना के माध्यम से विद्यार्थियों के आत्मिक तथा आध्यात्मिक विकास में सहायता करना। 2. यह छात्रों को संवेगात्मक स्थिरता रखने में सक्षम बनाती है। 3. विद्यार्थियों के शारीरिक विकास का मार्ग प्रशस्त करना। 4. युवा वर्ग को विभिन्न रोगों से ग्रसित न होने देना। 5. योग साहित्य तथा योग आचरण से उनमें अच्छे संस्कार डालना।

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योग का व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्व है। व्यक्ति का सर्वांगीण विकास हो, इसके लिए योग एक महत्वपूर्ण साधन है। योग साधना एक ऐसी सरल तथा सफल साधना है जिसके द्वारा व्यक्ति का विकास ही नहीं वरन् सभी समाज, राष्ट्र तथा अन्त में सम्पूर्ण मानवता का कल्याण हो सकता है। योग शिक्षा का लक्ष्य माध्यमिक विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों के छात्र छात्राओं के लिए अनिवार्य किया जाना चाहिए, जिससे देश की युवा, पीढ़ी का सर्वांगीण विकास हो सके। योग शिक्षा के निम्नलिखित उद्देश्य हो सकते हैं– 1.योग साधना के माध्यम से विद्यार्थियों के आत्मिक तथा आध्यात्मिक विकास में सहायता करना। 2. यह छात्रों को संवेगात्मक स्थिरता रखने में सक्षम बनाती है। 3. विद्यार्थियों के शारीरिक विकास का मार्ग प्रशस्त करना। 4. युवा वर्ग को विभिन्न रोगों से ग्रसित न होने देना। 5. योग साहित्य तथा योग आचरण से उनमें अच्छे संस्कार डालना।