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Q: एक प्रख्यात न्यायविद और संवैधानिक विशेषज्ञ, एन.ए. पालकीवाला ने...........को ‘संविधान का पहचान पत्र’ कहा है।
  • A. नागरिकता
  • B. राज्य के नीति निदेशक तत्व
  • C. मौलिक अधिकार
  • D. उद्देशिका
Correct Answer: Option D - प्रख्यात न्यायविद और संवैधानिक विशेषज्ञ एन.ए. पालकीवाला ने प्रस्तावना को ‘संविधान का पहचान पत्र’ कहा है। भारतीय संविधान की प्रस्तावना ‘उद्देश्य संकल्प’ पर आधारित है, जिसे पंडित नेहरू द्वारा तैयार और प्रस्तुत किया गया था, और इसे संविधान सभा द्वारा अपनाया गया था। भारतीय संविधान के भाग-II में नागरिकता (अनु. 5 से 11 तक) तथा भाग-III में मूल अधिकार (अनु. 12 से 35) और राज्य के नीति निदेशक तत्व भाग-IV में (अनु. 36–51 तक) वर्णन किया गया है।
D. प्रख्यात न्यायविद और संवैधानिक विशेषज्ञ एन.ए. पालकीवाला ने प्रस्तावना को ‘संविधान का पहचान पत्र’ कहा है। भारतीय संविधान की प्रस्तावना ‘उद्देश्य संकल्प’ पर आधारित है, जिसे पंडित नेहरू द्वारा तैयार और प्रस्तुत किया गया था, और इसे संविधान सभा द्वारा अपनाया गया था। भारतीय संविधान के भाग-II में नागरिकता (अनु. 5 से 11 तक) तथा भाग-III में मूल अधिकार (अनु. 12 से 35) और राज्य के नीति निदेशक तत्व भाग-IV में (अनु. 36–51 तक) वर्णन किया गया है।

Explanations:

प्रख्यात न्यायविद और संवैधानिक विशेषज्ञ एन.ए. पालकीवाला ने प्रस्तावना को ‘संविधान का पहचान पत्र’ कहा है। भारतीय संविधान की प्रस्तावना ‘उद्देश्य संकल्प’ पर आधारित है, जिसे पंडित नेहरू द्वारा तैयार और प्रस्तुत किया गया था, और इसे संविधान सभा द्वारा अपनाया गया था। भारतीय संविधान के भाग-II में नागरिकता (अनु. 5 से 11 तक) तथा भाग-III में मूल अधिकार (अनु. 12 से 35) और राज्य के नीति निदेशक तत्व भाग-IV में (अनु. 36–51 तक) वर्णन किया गया है।