Correct Answer:
Option D - भारतीय संविधान की प्रस्तावना में न्याय तीन रूपों में शामिल हैं – सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक। इनकी सुरक्षा मौलिक अधिकार व नीति निदेशक सिद्धान्त के विभिन्न उपबंधों के माध्यम से किया जाता है।
सामाजिक न्याय का अर्थ है प्रत्येक व्यक्ति के साथ जाति, रंग, धर्म, लिंग के आधार पर बिना भेदभाव किए समान व्यवहार करना।
आर्थिक न्याय का अर्थ है कि र्आिथक कारणों के आधार पर किसी भी व्यक्ति से भेदभाव नहीं किया जाएगा। इसमें संपदा, आय व संपत्ति की असमानता को दूर करना भी शामिल है।
राजनीतिक न्याय का अर्थ है कि प्रत्येक व्यक्ति को समान राजनीतिक अधिकार प्राप्त होंगे। अत: भारत अपने नागरिकों को अपने प्रतिनिधियों के निर्वाचन, कुछ मूल अधिकार एवं निर्णय निर्माण का अधिकार प्रदान करता है।
D. भारतीय संविधान की प्रस्तावना में न्याय तीन रूपों में शामिल हैं – सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक। इनकी सुरक्षा मौलिक अधिकार व नीति निदेशक सिद्धान्त के विभिन्न उपबंधों के माध्यम से किया जाता है।
सामाजिक न्याय का अर्थ है प्रत्येक व्यक्ति के साथ जाति, रंग, धर्म, लिंग के आधार पर बिना भेदभाव किए समान व्यवहार करना।
आर्थिक न्याय का अर्थ है कि र्आिथक कारणों के आधार पर किसी भी व्यक्ति से भेदभाव नहीं किया जाएगा। इसमें संपदा, आय व संपत्ति की असमानता को दूर करना भी शामिल है।
राजनीतिक न्याय का अर्थ है कि प्रत्येक व्यक्ति को समान राजनीतिक अधिकार प्राप्त होंगे। अत: भारत अपने नागरिकों को अपने प्रतिनिधियों के निर्वाचन, कुछ मूल अधिकार एवं निर्णय निर्माण का अधिकार प्रदान करता है।