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Q: Which of the following is a teaching learning method related to work education ? निम्नलिखित में से कौन-सी शिक्षा संबंधी गतिविधियों के लिए सीखने की पद्धति है? I. Observation method I. अवलोकन विधि II. Demonstration method II.प्रदर्शन विधि
  • A. Only I/केवल I
  • B. Neither I nor II/ना ही I ना ही II
  • C. Both I and II/I तथा II दोनों
  • D. Only II/केवल II
Correct Answer: Option C - अवलोकन विधि तथा प्रदर्शन विधि दोनों ही शिक्षा सम्बन्धी गतिविधियों के लिए सीखने की पद्धति हैं। प्रदर्शन विधि में, शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाता है। प्रदर्शन प्राय: तब होता है जब विद्यार्थी सिद्धान्तों को वास्तविक परिदृश्य से नहीं जोड़ पाते हैं अथवा जब छात्र सिद्धान्तों के अनुप्रयोगों को समझने में असमर्थ होते हैं। अवलोकन अध्ययन की वह विधि है जिसमें अध्ययन विषय एवं घटना का अति सूक्ष्म तथा गहन अध्ययन किया जाता है। इसमें घटनाओं की वास्तविक प्रकृति, उनकी गम्भीरता, विस्तार एवं परस्पर सम्बन्धों का सूक्ष्म अवलोकन करके ही वास्तविक तथ्यों का संकलन किया जाता है।
C. अवलोकन विधि तथा प्रदर्शन विधि दोनों ही शिक्षा सम्बन्धी गतिविधियों के लिए सीखने की पद्धति हैं। प्रदर्शन विधि में, शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाता है। प्रदर्शन प्राय: तब होता है जब विद्यार्थी सिद्धान्तों को वास्तविक परिदृश्य से नहीं जोड़ पाते हैं अथवा जब छात्र सिद्धान्तों के अनुप्रयोगों को समझने में असमर्थ होते हैं। अवलोकन अध्ययन की वह विधि है जिसमें अध्ययन विषय एवं घटना का अति सूक्ष्म तथा गहन अध्ययन किया जाता है। इसमें घटनाओं की वास्तविक प्रकृति, उनकी गम्भीरता, विस्तार एवं परस्पर सम्बन्धों का सूक्ष्म अवलोकन करके ही वास्तविक तथ्यों का संकलन किया जाता है।

Explanations:

अवलोकन विधि तथा प्रदर्शन विधि दोनों ही शिक्षा सम्बन्धी गतिविधियों के लिए सीखने की पद्धति हैं। प्रदर्शन विधि में, शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाता है। प्रदर्शन प्राय: तब होता है जब विद्यार्थी सिद्धान्तों को वास्तविक परिदृश्य से नहीं जोड़ पाते हैं अथवा जब छात्र सिद्धान्तों के अनुप्रयोगों को समझने में असमर्थ होते हैं। अवलोकन अध्ययन की वह विधि है जिसमें अध्ययन विषय एवं घटना का अति सूक्ष्म तथा गहन अध्ययन किया जाता है। इसमें घटनाओं की वास्तविक प्रकृति, उनकी गम्भीरता, विस्तार एवं परस्पर सम्बन्धों का सूक्ष्म अवलोकन करके ही वास्तविक तथ्यों का संकलन किया जाता है।