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Q: सुपोषण (Eutrophication) .......... के कारण होता है।
  • A. अम्ल वर्षा
  • B. नाइट्रेट और फास्फेट
  • C. सल्फेट और कार्बोनेट
  • D. कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोक्साइड
Correct Answer: Option B - जल में जैविक एवं अजैविक पोषक तत्वों के सान्द्रण में वृद्धि को सुपोषण कहते है। सिंथेटिक डिटर्जेन्ट, घरेलू सीवेज, कृषि में प्रयुक्त रसायनों के बहाव और औद्योगिक अपशिष्ट पदार्थों से प्राप्त होने वाले नाइट्रेट और फास्फेट , शैवाल (सूक्ष्म पौधों) को अप्राकृतिक पोषण प्रदान करते हैं। इससे जलीय पौधे, शैवाल आदि अधिक वृद्धि करते है और श्वसन क्रिया के लिए जल के अधिकांश ऑक्सीजन को अपने उपयोग में ले लेते है जिससे जलीय जन्तुओं जैसे- मछली आदि के लिए घुलित ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और उन पर मृत्यु का संकट छा जाता है।
B. जल में जैविक एवं अजैविक पोषक तत्वों के सान्द्रण में वृद्धि को सुपोषण कहते है। सिंथेटिक डिटर्जेन्ट, घरेलू सीवेज, कृषि में प्रयुक्त रसायनों के बहाव और औद्योगिक अपशिष्ट पदार्थों से प्राप्त होने वाले नाइट्रेट और फास्फेट , शैवाल (सूक्ष्म पौधों) को अप्राकृतिक पोषण प्रदान करते हैं। इससे जलीय पौधे, शैवाल आदि अधिक वृद्धि करते है और श्वसन क्रिया के लिए जल के अधिकांश ऑक्सीजन को अपने उपयोग में ले लेते है जिससे जलीय जन्तुओं जैसे- मछली आदि के लिए घुलित ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और उन पर मृत्यु का संकट छा जाता है।

Explanations:

जल में जैविक एवं अजैविक पोषक तत्वों के सान्द्रण में वृद्धि को सुपोषण कहते है। सिंथेटिक डिटर्जेन्ट, घरेलू सीवेज, कृषि में प्रयुक्त रसायनों के बहाव और औद्योगिक अपशिष्ट पदार्थों से प्राप्त होने वाले नाइट्रेट और फास्फेट , शैवाल (सूक्ष्म पौधों) को अप्राकृतिक पोषण प्रदान करते हैं। इससे जलीय पौधे, शैवाल आदि अधिक वृद्धि करते है और श्वसन क्रिया के लिए जल के अधिकांश ऑक्सीजन को अपने उपयोग में ले लेते है जिससे जलीय जन्तुओं जैसे- मछली आदि के लिए घुलित ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और उन पर मृत्यु का संकट छा जाता है।