Explanations:
मुगल काल के प्रशासन में ‘नियंत्रण और संतुलन’ की नीति का प्रारम्भ अकबर ने किया। अकबर की मनसबदारी व्यवस्था, राजपूतों से वैवाहिक सम्बन्ध आदि सभी कार्यों से अकबर ने अपने साम्राज्य को मजबूत एवं दीर्घजीवी बनाने हेतु किया। तत्कालीन समय में राजपूत अकबर का कड़ा प्रतिरोध कर सकते थे। इसलिए उसने राजपूतों से वैवाहिक सम्बन्ध स्थापित किया और उन्हें अपना मित्र बना लिया। प्रशासन में भी अकबर ने ऐसा प्रावधान किया कि किसी भी अधिकारी के पास शक्ति का केन्द्रण न हो पाए। ये सभी कार्य अकबर के नियंत्रण एवं संतुलन की नीति के तहत आते हैं।