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Q: The power of Judicial Review is with न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति प्राप्त है–
  • A. Parliament/ संसद को
  • B. High Courts / उच्च न्यायालयों को
  • C. Supreme Court / सर्वोच्च न्यायालय को
  • D. Both Supreme Court and High Courts सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालयों दोनों को
Correct Answer: Option D - भारत में संविधान सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय दोनों को न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति देता है। सर्वोच्च न्यायालय ने मिनर्वा मिल्स वाद (1980) में स्पष्ट कर दिया है कि न्याययिक पुनरावलोकन भारतीय संविधान की बुनियादी विशिष्टता है तथा इसे संविधान संशोधन के जरिए बदलने का अधिकार संसद को नहीं है।
D. भारत में संविधान सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय दोनों को न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति देता है। सर्वोच्च न्यायालय ने मिनर्वा मिल्स वाद (1980) में स्पष्ट कर दिया है कि न्याययिक पुनरावलोकन भारतीय संविधान की बुनियादी विशिष्टता है तथा इसे संविधान संशोधन के जरिए बदलने का अधिकार संसद को नहीं है।

Explanations:

भारत में संविधान सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय दोनों को न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति देता है। सर्वोच्च न्यायालय ने मिनर्वा मिल्स वाद (1980) में स्पष्ट कर दिया है कि न्याययिक पुनरावलोकन भारतीय संविधान की बुनियादी विशिष्टता है तथा इसे संविधान संशोधन के जरिए बदलने का अधिकार संसद को नहीं है।