Correct Answer:
Option A - क्रिया के उस रूपान्तर को कर्तृवाच्य कहते है, जिससे वाक्य में कर्ता की प्रधानता का बोध होता है। जैसे- मैंने पुस्तक पढ़ी। क्रिया के उस परिवर्तन को ‘वाच्य’ कहते है, जिसके द्वारा इस बात का बोध होता है कि वाक्य के अन्तर्गत कर्ता, कर्म अथवा भाव इनमें से किसकी प्रधानता है। इनमें किसके अनुसार क्रिया के पुरूष, वचन आदि आए है। प्रयोग के अनुसार वाच्य के तीन भेद है- कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य तथा भाव वाच्य
A. क्रिया के उस रूपान्तर को कर्तृवाच्य कहते है, जिससे वाक्य में कर्ता की प्रधानता का बोध होता है। जैसे- मैंने पुस्तक पढ़ी। क्रिया के उस परिवर्तन को ‘वाच्य’ कहते है, जिसके द्वारा इस बात का बोध होता है कि वाक्य के अन्तर्गत कर्ता, कर्म अथवा भाव इनमें से किसकी प्रधानता है। इनमें किसके अनुसार क्रिया के पुरूष, वचन आदि आए है। प्रयोग के अनुसार वाच्य के तीन भेद है- कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य तथा भाव वाच्य