Correct Answer:
Option B - यदि कोई ठोस की अक्ष किसी एक संदर्भ तल से किसी कोण पर झुकी हो, तथा दूसरे तल के समानान्तर हो, तो उसके प्रक्षेप प्राप्त करने के लिए 2 स्टेज की आवश्यकता होती है–
सबसे पहले ठोस की अक्ष जिस तल से झुकी है, उसके लम्बवत मानकर ठोस के प्रक्षेप खींचते है तथा जिस तल से अक्ष समान्तर है, उस तल में आधार के प्रक्षेप खींचते हैं।
फिर ठोस की अक्ष को उस तल से झुकाकर (जिस तल से झुकी हो) अभीष्ट प्रक्षेप प्राप्त करते हैं।
B. यदि कोई ठोस की अक्ष किसी एक संदर्भ तल से किसी कोण पर झुकी हो, तथा दूसरे तल के समानान्तर हो, तो उसके प्रक्षेप प्राप्त करने के लिए 2 स्टेज की आवश्यकता होती है–
सबसे पहले ठोस की अक्ष जिस तल से झुकी है, उसके लम्बवत मानकर ठोस के प्रक्षेप खींचते है तथा जिस तल से अक्ष समान्तर है, उस तल में आधार के प्रक्षेप खींचते हैं।
फिर ठोस की अक्ष को उस तल से झुकाकर (जिस तल से झुकी हो) अभीष्ट प्रक्षेप प्राप्त करते हैं।