Correct Answer:
Option D - 73वें संविधान संशोधन कानून की वैधानिक शुरुआत 64वां संविधान संशोधन विधेयक से हुआ था। वास्तव में एल.एम.सिंघवी समिति (1986) ने पंचायतों को संवैधानिक मान्यता देने की सिफारिश की थी। इस समिति की अनुसंशाओं को संवैधानिक रूप देने के लिए राजीव गांधी सरकार ने जुलाई, 1989 में 64वां संविधान संशोधन विधेयक लोक सभा में पेश किया। यह विधेयक लोक सभा में पारित हो गया किन्तु राज्य सभा द्वारा पारित न हो पाने के कारण पंचायतों को संवैधानिक दर्जा नहीं प्राप्त हो सका था, हालांकि 73वें संविधान संशोधन अधि. 1992 द्वारा पंचायतों को संवैधानिक दर्जा प्राप्त हो गया।
D. 73वें संविधान संशोधन कानून की वैधानिक शुरुआत 64वां संविधान संशोधन विधेयक से हुआ था। वास्तव में एल.एम.सिंघवी समिति (1986) ने पंचायतों को संवैधानिक मान्यता देने की सिफारिश की थी। इस समिति की अनुसंशाओं को संवैधानिक रूप देने के लिए राजीव गांधी सरकार ने जुलाई, 1989 में 64वां संविधान संशोधन विधेयक लोक सभा में पेश किया। यह विधेयक लोक सभा में पारित हो गया किन्तु राज्य सभा द्वारा पारित न हो पाने के कारण पंचायतों को संवैधानिक दर्जा नहीं प्राप्त हो सका था, हालांकि 73वें संविधान संशोधन अधि. 1992 द्वारा पंचायतों को संवैधानिक दर्जा प्राप्त हो गया।