Correct Answer:
Option C - फ्यूज, धारा के तापन प्रभाव के कारण संचालित होता है। किसी विद्युत परिपथ में जब अत्यधिक भार या लघु परिपथ की स्थिती में फ्यूज तार के माध्यम से बहुत अधिक धारा प्रवाहित होती है तो फ्यूज तार में अधिक ऊष्मा (H = I²Rt) उत्पन्न होने के कारण वह तप्त होकर पिघल जाता है तथा सप्लाई को परिपथ से अलग कर देता है। अत: स्पष्ट है कि फ्यूज धारा के तापन प्रभाव के कारण संचालित होता है।
यह सभी सुरक्षा युक्तियों में सबसे सस्ता होता है
इसे मरम्मत की कोई आवश्यकता नहीं होती है।
इसका प्रचालन पूर्णत: स्वचालित होता है, जबकी सर्किट ब्रेकर में स्वत: प्रचालन के लिए अलग से यंत्र की आवश्यकता होती है।
यह heavy short-circuit current को बिना शोर या धुआँ के break कर सकता है।
इसका inverse time -current characteristic इसे अतिधारा रक्षण (over current protection) के लिए उपयुक्त बनाता है
C. फ्यूज, धारा के तापन प्रभाव के कारण संचालित होता है। किसी विद्युत परिपथ में जब अत्यधिक भार या लघु परिपथ की स्थिती में फ्यूज तार के माध्यम से बहुत अधिक धारा प्रवाहित होती है तो फ्यूज तार में अधिक ऊष्मा (H = I²Rt) उत्पन्न होने के कारण वह तप्त होकर पिघल जाता है तथा सप्लाई को परिपथ से अलग कर देता है। अत: स्पष्ट है कि फ्यूज धारा के तापन प्रभाव के कारण संचालित होता है।
यह सभी सुरक्षा युक्तियों में सबसे सस्ता होता है
इसे मरम्मत की कोई आवश्यकता नहीं होती है।
इसका प्रचालन पूर्णत: स्वचालित होता है, जबकी सर्किट ब्रेकर में स्वत: प्रचालन के लिए अलग से यंत्र की आवश्यकता होती है।
यह heavy short-circuit current को बिना शोर या धुआँ के break कर सकता है।
इसका inverse time -current characteristic इसे अतिधारा रक्षण (over current protection) के लिए उपयुक्त बनाता है