search
Q: ‘समरथ को नहिं दोष गोसाई’ लोकोक्ति से तात्पर्य है
  • A. बड़े आदमी पर कौन दोष लगाए
  • B. बड़े आदमी के सब मित्र होते हैं
  • C. मेहनत से किए काम में सदैव सफलता मिलती है
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option A - ‘समरथ को नहि दोष गोसाई’ लोकोक्ति से तात्पर्य -‘बड़े आदमी पर कौन दोष लगाए’। होगा। ⇒ समर्थ व्यक्ति को किसी भी प्रकार का दोष नहीं लगता। समर्थ अथवा शक्तिशाली व्यक्ति कुछ भी कर ले, कोई उस पर टीका-टिप्पणी नहीं करता।
A. ‘समरथ को नहि दोष गोसाई’ लोकोक्ति से तात्पर्य -‘बड़े आदमी पर कौन दोष लगाए’। होगा। ⇒ समर्थ व्यक्ति को किसी भी प्रकार का दोष नहीं लगता। समर्थ अथवा शक्तिशाली व्यक्ति कुछ भी कर ले, कोई उस पर टीका-टिप्पणी नहीं करता।

Explanations:

‘समरथ को नहि दोष गोसाई’ लोकोक्ति से तात्पर्य -‘बड़े आदमी पर कौन दोष लगाए’। होगा। ⇒ समर्थ व्यक्ति को किसी भी प्रकार का दोष नहीं लगता। समर्थ अथवा शक्तिशाली व्यक्ति कुछ भी कर ले, कोई उस पर टीका-टिप्पणी नहीं करता।