Correct Answer:
Option B - क्त-प्रत्ययविधि सूत्रम् नपुंसके भावे क्त: अस्ति। अर्थात् क्त-प्रत्यय का विधान करने वाला सूत्र-‘नपुंसके भावे क्त:’ है। अत: नपुंसकलिङ्ग भाववाचक शब्द बनाने के लिए कृत् प्रत्यय ‘क्त’ (निष्ठा) अथवा ल्युट् (अन) धातुओं में लगाया जाता है। जैसे-हसितम्, हसनम्, गतम् आदि।
शेष विकल्प–
(I) पुंसि संज्ञायां प्रायेण-ह्य प्रत्यय विधि सूत्रम्।
(II) गुरोश्च हल:- क्तिन् का निषेध कर ‘अ’ विधान करते हैं। जैसे-ईह् से ईहा:, ऊह् से ऊहा।
B. क्त-प्रत्ययविधि सूत्रम् नपुंसके भावे क्त: अस्ति। अर्थात् क्त-प्रत्यय का विधान करने वाला सूत्र-‘नपुंसके भावे क्त:’ है। अत: नपुंसकलिङ्ग भाववाचक शब्द बनाने के लिए कृत् प्रत्यय ‘क्त’ (निष्ठा) अथवा ल्युट् (अन) धातुओं में लगाया जाता है। जैसे-हसितम्, हसनम्, गतम् आदि।
शेष विकल्प–
(I) पुंसि संज्ञायां प्रायेण-ह्य प्रत्यय विधि सूत्रम्।
(II) गुरोश्च हल:- क्तिन् का निषेध कर ‘अ’ विधान करते हैं। जैसे-ईह् से ईहा:, ऊह् से ऊहा।