Correct Answer:
Option C - संज्ञानात्मक विकास से अभिप्राय बालक की मानसिक क्षमता का विकास है जिसमें बुद्धि, चेतना, विचार और समस्या समाधान की क्षमता सम्मिलित होती है और यह विकास शैशवास्था से शुरु हो जाता है। संज्ञानात्मक प्रगति एक विकासात्मक प्रक्रिया है। जिसके द्वारा एक बच्चा बुद्धिमान व्यक्ति बनता है। वृद्धि के तहत पहले 4 वर्षों में बालक का 80% मानसिक विकास हो जाता है। 22-24 वर्षों तक यह परिपक्वावस्था तक पहुँचता है। वर्गीकरण में बालक उन सभी मानसिक क्षमताओं और योग्यताओं का विकास कर लेता है जिसके परिणामस्वरूप वह अपने निरंतर बदलते वातावरण में ठीक प्रकार समायोजन करता है, और बड़ी-बड़ी कठिन तथा उलझनपूर्ण समस्याओं को सुलझाने में अपनी मानसिक तथा तार्किक शक्तियों को पूर्णरूप से समर्थ पाता है। वर्गीकरण में क्रमबद्धता, संक्रमणीय निष्कर्ष और वर्ग समावेशन जैसी परिष्कृत क्षमताएँ भी शामिल है। अत: केवल I तथा II सही है।
C. संज्ञानात्मक विकास से अभिप्राय बालक की मानसिक क्षमता का विकास है जिसमें बुद्धि, चेतना, विचार और समस्या समाधान की क्षमता सम्मिलित होती है और यह विकास शैशवास्था से शुरु हो जाता है। संज्ञानात्मक प्रगति एक विकासात्मक प्रक्रिया है। जिसके द्वारा एक बच्चा बुद्धिमान व्यक्ति बनता है। वृद्धि के तहत पहले 4 वर्षों में बालक का 80% मानसिक विकास हो जाता है। 22-24 वर्षों तक यह परिपक्वावस्था तक पहुँचता है। वर्गीकरण में बालक उन सभी मानसिक क्षमताओं और योग्यताओं का विकास कर लेता है जिसके परिणामस्वरूप वह अपने निरंतर बदलते वातावरण में ठीक प्रकार समायोजन करता है, और बड़ी-बड़ी कठिन तथा उलझनपूर्ण समस्याओं को सुलझाने में अपनी मानसिक तथा तार्किक शक्तियों को पूर्णरूप से समर्थ पाता है। वर्गीकरण में क्रमबद्धता, संक्रमणीय निष्कर्ष और वर्ग समावेशन जैसी परिष्कृत क्षमताएँ भी शामिल है। अत: केवल I तथा II सही है।