Correct Answer:
Option B - अंशों के समर्पण का प्रभाव वही होता है, जो अंशों का हरण के सम्बन्ध में होता है। पुनर्निर्माण की योजना के अन्तर्गत अंशों का उपविभाजन करके अंशधारियों द्वारा अपने अंशों का कुछ भाग कम्पनी को समर्पित किया जा सकता है। इन समर्पित अंशों को नयी प्रतिभूमियों में परिवर्तन करके ऋणपत्रधारियों या लेनदारों को निर्गमित किया जा सकता है। यह निर्गमन ऋणपत्रधारियों या लेनदारों के अपलिखित किए गए क्षेत्रों के प्रतिफल में या अपलिखित करने के पश्चात शेष राशि के लिए किया जा सकता है।
B. अंशों के समर्पण का प्रभाव वही होता है, जो अंशों का हरण के सम्बन्ध में होता है। पुनर्निर्माण की योजना के अन्तर्गत अंशों का उपविभाजन करके अंशधारियों द्वारा अपने अंशों का कुछ भाग कम्पनी को समर्पित किया जा सकता है। इन समर्पित अंशों को नयी प्रतिभूमियों में परिवर्तन करके ऋणपत्रधारियों या लेनदारों को निर्गमित किया जा सकता है। यह निर्गमन ऋणपत्रधारियों या लेनदारों के अपलिखित किए गए क्षेत्रों के प्रतिफल में या अपलिखित करने के पश्चात शेष राशि के लिए किया जा सकता है।