Correct Answer:
Option D - साम्यावस्था (Equilibrium):-किसी पिण्ड पर दो या अधिक बल इस प्रकार कार्य करे कि वे एक-दूसरे के प्रभाव को निरस्त कर दें या उनका पिण्ड पर सम्मिलित प्रभाव शून्य हो तो ऐसे बल निकाय को साम्यवस्था में कहा जाता है।
साम्यवस्था में बलों के प्रभाव में पिण्ड यदि स्थिर है तो स्थिर ही रहता है और यदि समान गति से गतिमान है तो वह उसी गति से गतिमान रहता है।
साम्यवस्था के प्रकार(Type of equilibrium)
(A) स्थैतिक साम्यावस्था (Static equilibrium)-जब कोई बल निकाय किसी स्थिर पिण्ड पर इस प्रकार कार्य करता है कि वह गतिशील नहीं होता है तो ऐसे बल निकाय को स्थैतिक साम्यावस्था मे कहा जाता है।
(B) गतिक साम्यावस्था (Dynamic equilibrium)- यदि कोई पिण्ड समान वेग से गतिशील हैं और इस पर कई बल इस प्रकार लगायें जायें कि पिण्ड उसी वेग से उसी दिशा में गतिशील रहे तो ये सभी बल गतिक साम्यावस्था मे होते हैं।
D. साम्यावस्था (Equilibrium):-किसी पिण्ड पर दो या अधिक बल इस प्रकार कार्य करे कि वे एक-दूसरे के प्रभाव को निरस्त कर दें या उनका पिण्ड पर सम्मिलित प्रभाव शून्य हो तो ऐसे बल निकाय को साम्यवस्था में कहा जाता है।
साम्यवस्था में बलों के प्रभाव में पिण्ड यदि स्थिर है तो स्थिर ही रहता है और यदि समान गति से गतिमान है तो वह उसी गति से गतिमान रहता है।
साम्यवस्था के प्रकार(Type of equilibrium)
(A) स्थैतिक साम्यावस्था (Static equilibrium)-जब कोई बल निकाय किसी स्थिर पिण्ड पर इस प्रकार कार्य करता है कि वह गतिशील नहीं होता है तो ऐसे बल निकाय को स्थैतिक साम्यावस्था मे कहा जाता है।
(B) गतिक साम्यावस्था (Dynamic equilibrium)- यदि कोई पिण्ड समान वेग से गतिशील हैं और इस पर कई बल इस प्रकार लगायें जायें कि पिण्ड उसी वेग से उसी दिशा में गतिशील रहे तो ये सभी बल गतिक साम्यावस्था मे होते हैं।