Explanations:
दृढ़कारी (Stiffener)– प्लेट गर्डर पर आने वाले केन्द्रीय भार को आलम्ब पर प्रतिस्थापित करने के लिए दृढ़कारी का प्रयोग किया जाता है। फ्लेंजों व वेब को पाश्र्व स्थिरता प्रदान करने के लिए प्लेटों में दृढ़कारी लगाये जाते हैं। दृढ़कारी (Stiffener) मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं– (i) ऊर्ध्वाधर दृढ़कारी (Vertical Stiffener)– इसे अनुप्रस्थ दृढ़कारी भी कहा जाता है। यह वेब को अपरूपण व्याकुंचन (Shear buckling) से बचाता है। ऊर्ध्वाधर दृढ़कारी के बीच न्यूनतम अन्तराल 0.33d और अधिकतम अन्तराल 1.5d रखा जाता है। (ii) क्षैतिज दृढ़कारी (Horizontal Stiffener)– इसे अनुदैर्ध्य दृढ़कारी भी कहा जाता है। क्षैतिज दृढ़कारी वेब नमन (Bending) के Case में व्याकुंचन से बचाता है। दो ऊर्ध्वाधर दृढ़कारी के बीच प्रयोग किया जाता है। यह सतत् नहीं होता।