Correct Answer:
Option D - सर्पण फरमाबन्दी बहुतली भवनों, पुल की डाटों, साइलों, चिमनियों व टावरों के निर्माण में प्रयोग की जाती है। फरमाबन्दी को यान्त्रिक विधि से ऊपर उठाते रहते हैं और कंक्रीट ढलाई का कार्य ऊपर की ओर प्रगति करता रहता है। इस विधि में फरमे को एक बार लगा देने के बाद कार्य के अन्त तक बदला नहीं जाता है। यह फरमाबन्दी उर्ध्व तथा क्षैतिज दोनों दिशाओं में धीरे-धीरे आगे सरकायी जा सकती है।
D. सर्पण फरमाबन्दी बहुतली भवनों, पुल की डाटों, साइलों, चिमनियों व टावरों के निर्माण में प्रयोग की जाती है। फरमाबन्दी को यान्त्रिक विधि से ऊपर उठाते रहते हैं और कंक्रीट ढलाई का कार्य ऊपर की ओर प्रगति करता रहता है। इस विधि में फरमे को एक बार लगा देने के बाद कार्य के अन्त तक बदला नहीं जाता है। यह फरमाबन्दी उर्ध्व तथा क्षैतिज दोनों दिशाओं में धीरे-धीरे आगे सरकायी जा सकती है।