Correct Answer:
Option D - इसके माध्यम से हम किसी भी सिग्नल को बड़े एक्यूरेसी के साथ भेजी जाती है।
इसकी बैण्डविड्थ उच्च होती है।
यह पूर्ण आन्तरिक परावर्तन के सिद्धांत पर कार्य करता है।
इसमें न्वाइस बहुत ही कम होता है।
तथा पॉवर की बचत होती है।
ऑप्टिकल तरंग संचार के लिए उपयुक्त आवृत्ति का बैण्ड 30 THz - 300 THz के बीच होता है।
D. इसके माध्यम से हम किसी भी सिग्नल को बड़े एक्यूरेसी के साथ भेजी जाती है।
इसकी बैण्डविड्थ उच्च होती है।
यह पूर्ण आन्तरिक परावर्तन के सिद्धांत पर कार्य करता है।
इसमें न्वाइस बहुत ही कम होता है।
तथा पॉवर की बचत होती है।
ऑप्टिकल तरंग संचार के लिए उपयुक्त आवृत्ति का बैण्ड 30 THz - 300 THz के बीच होता है।