Correct Answer:
Option B - मेटाबोलिक अम्लरक्तता वह स्थिति जिसमें सिरम या प्लाज्मा का ज्प् एवं बाइकार्बोनेट मान घट जाता है यानी कि अम्लता बढ़ जाती है। शरीर में अधिक अम्ल संश्लेषण या किडनी द्वारा इसका उचित उत्सर्जन न होने पर यह स्थिति उत्पन्न होती है। मेटाबोलिक अम्लरक्तता एल्ब्युमिन संश्लेषण को घटा देता है एवं माँसपेशियाँ क्षीण होने लगती हैं। यह अंतस्रावी हार्मोनों की क्रिया को असंतुलित करता है।
B. मेटाबोलिक अम्लरक्तता वह स्थिति जिसमें सिरम या प्लाज्मा का ज्प् एवं बाइकार्बोनेट मान घट जाता है यानी कि अम्लता बढ़ जाती है। शरीर में अधिक अम्ल संश्लेषण या किडनी द्वारा इसका उचित उत्सर्जन न होने पर यह स्थिति उत्पन्न होती है। मेटाबोलिक अम्लरक्तता एल्ब्युमिन संश्लेषण को घटा देता है एवं माँसपेशियाँ क्षीण होने लगती हैं। यह अंतस्रावी हार्मोनों की क्रिया को असंतुलित करता है।