Correct Answer:
Option C - प्रथम पीढ़ी के कम्प्यूटर (1946–1955):– कम्प्यूटर को प्रथम पीढ़ी की शुरुआत 1942 ई. से मानी जाती हैं इस जनरेशन में वैक्यूम ट्यूब टेक्नोलॉजी (Vaccume tube Technology) का प्रयोग किया गया था। इसमें मशीन भाषा का प्रयोग किया गया था। इसमें मेमोरी के तौर पर चुम्बकीय टेप एवम् पंचकार्ड का प्रयोग किया जाता था।
द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटर (1955–1964 ई.):– द्वितीय पीढ़ी की शुरुआत 1956–1964 ई. तक मानी जाती है। इस पीढ़ी में Transistor का प्रयोग किया था। जिसका विकास William Shockley ने 1947 ई. में किया गया था। इसमें असेम्बली भाषा का प्रयोग किया गया था। इसमें मेमोरी के तौर पर चुम्बकीय टेप का प्रयोग किया जाने लगा था।
तृतीय पीढ़ी के कम्प्यूटर (1964–1971 ई.):– कम्प्यूटर की तृतीय पीढ़ी की शुरुआत 1964ई. से मानी जाती है। इस जनरेशन में आई सी का प्रयोग किया जाने लगा था। IC का पूरा नाम Integrated Circuit है।
C. प्रथम पीढ़ी के कम्प्यूटर (1946–1955):– कम्प्यूटर को प्रथम पीढ़ी की शुरुआत 1942 ई. से मानी जाती हैं इस जनरेशन में वैक्यूम ट्यूब टेक्नोलॉजी (Vaccume tube Technology) का प्रयोग किया गया था। इसमें मशीन भाषा का प्रयोग किया गया था। इसमें मेमोरी के तौर पर चुम्बकीय टेप एवम् पंचकार्ड का प्रयोग किया जाता था।
द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटर (1955–1964 ई.):– द्वितीय पीढ़ी की शुरुआत 1956–1964 ई. तक मानी जाती है। इस पीढ़ी में Transistor का प्रयोग किया था। जिसका विकास William Shockley ने 1947 ई. में किया गया था। इसमें असेम्बली भाषा का प्रयोग किया गया था। इसमें मेमोरी के तौर पर चुम्बकीय टेप का प्रयोग किया जाने लगा था।
तृतीय पीढ़ी के कम्प्यूटर (1964–1971 ई.):– कम्प्यूटर की तृतीय पीढ़ी की शुरुआत 1964ई. से मानी जाती है। इस जनरेशन में आई सी का प्रयोग किया जाने लगा था। IC का पूरा नाम Integrated Circuit है।