Correct Answer:
Option A - दोहा वह अर्द्धसम मात्रिक छंद है जिसके प्रथम व तृतीय चरण में 13-13 तथा द्वितीय एवं चतुर्थ चरण में 11-11 मात्राएँ होती हैं और सम चरणों के अन्त में गुरू लघु होता है। अत: इस छन्द को कुल 24 मात्राएँ होती है।
रोला, दोहा, सोरठा तथा रूपमाला में 24 मात्राएँ, गीतिका में 26 मात्राएँ, हरिगीतिका, उल्लाला तथा वीर में 28 मात्राएँ तथा ताटंक छंद में 30 मात्राएँ होती है।
A. दोहा वह अर्द्धसम मात्रिक छंद है जिसके प्रथम व तृतीय चरण में 13-13 तथा द्वितीय एवं चतुर्थ चरण में 11-11 मात्राएँ होती हैं और सम चरणों के अन्त में गुरू लघु होता है। अत: इस छन्द को कुल 24 मात्राएँ होती है।
रोला, दोहा, सोरठा तथा रूपमाला में 24 मात्राएँ, गीतिका में 26 मात्राएँ, हरिगीतिका, उल्लाला तथा वीर में 28 मात्राएँ तथा ताटंक छंद में 30 मात्राएँ होती है।