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Q: ‘तद्दोषौ शब्दार्थौ सगुणावनलंकृती पुन: क्वापि।’ किसका काव्य लक्षण है?
  • A. जयदेव
  • B. दण्डी
  • C. मम्मट
  • D. हेमचन्द्र
Correct Answer: Option C - तद्दोषौ शब्दार्थौ सगुणावनलंकृती पुन: क्वापि।’ आचार्य मम्मट का काव्य लक्षण है। ‘शरीर तावदिष्टार्थ व्यवच्छिना पदावली’ दण्डी का तथा ‘निर्दोषा लक्षणवती सरीतिर्गुण भूषणा’ काव्यलक्षण जयदेव का है।
C. तद्दोषौ शब्दार्थौ सगुणावनलंकृती पुन: क्वापि।’ आचार्य मम्मट का काव्य लक्षण है। ‘शरीर तावदिष्टार्थ व्यवच्छिना पदावली’ दण्डी का तथा ‘निर्दोषा लक्षणवती सरीतिर्गुण भूषणा’ काव्यलक्षण जयदेव का है।

Explanations:

तद्दोषौ शब्दार्थौ सगुणावनलंकृती पुन: क्वापि।’ आचार्य मम्मट का काव्य लक्षण है। ‘शरीर तावदिष्टार्थ व्यवच्छिना पदावली’ दण्डी का तथा ‘निर्दोषा लक्षणवती सरीतिर्गुण भूषणा’ काव्यलक्षण जयदेव का है।