Correct Answer:
Option B - तर्कभाषा में कारणों की संख्या तीन है।
कारण - यस्य कार्यात् पूर्वभावो नियतोऽनन्यथासिद्धश्च तत्कारणम्।
अर्थात् - जिसकी सत्ता कार्य से पूर्व निश्चित हो और जो अन्यथा सिद्ध न हो उसे कारण कहते हैं।
कारण तीन प्रकार के होते हैं-
समवायिकरण - ‘यत्समवेतं कार्यमुत्पद्यते तत्समवायिकारणम्’ यथा- तन्तु पट का समवायिकारण है।
असमवायिकरण-‘यत्समवायिकरणप्रत्यासन्नमवधृतसामर्थ्य तदसमवायिकारणं’- तन्तुसंयोग पट का असमवायिकारण है।
निमित्तकारण - ‘यन्न समवायिकारणं नाप्यसमवायिकारणम् अथ च कारणं तन्निमित्तकारणम् यथा- वेम पट का निमित्त कारण है।
B. तर्कभाषा में कारणों की संख्या तीन है।
कारण - यस्य कार्यात् पूर्वभावो नियतोऽनन्यथासिद्धश्च तत्कारणम्।
अर्थात् - जिसकी सत्ता कार्य से पूर्व निश्चित हो और जो अन्यथा सिद्ध न हो उसे कारण कहते हैं।
कारण तीन प्रकार के होते हैं-
समवायिकरण - ‘यत्समवेतं कार्यमुत्पद्यते तत्समवायिकारणम्’ यथा- तन्तु पट का समवायिकारण है।
असमवायिकरण-‘यत्समवायिकरणप्रत्यासन्नमवधृतसामर्थ्य तदसमवायिकारणं’- तन्तुसंयोग पट का असमवायिकारण है।
निमित्तकारण - ‘यन्न समवायिकारणं नाप्यसमवायिकारणम् अथ च कारणं तन्निमित्तकारणम् यथा- वेम पट का निमित्त कारण है।