Correct Answer:
Option A - समावेशी शिक्षा बच्चों के वैयक्तिक अंतर को मान्यता देती है और यह भी मानती है कि बच्चों के साथ कहीं भी और किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए समावेशी शिक्षा की अवधारणा विकसित की गयी। यह शिक्षा बच्चों के अनुसार व्यवस्था में परिवर्तन की बात करती है ताकि शारीरिक, सामाजिक, आर्थिक रूप से असमर्थ बच्चों की शिक्षा व्यवस्था सामान्य विद्यालयों में हो सके।
A. समावेशी शिक्षा बच्चों के वैयक्तिक अंतर को मान्यता देती है और यह भी मानती है कि बच्चों के साथ कहीं भी और किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए समावेशी शिक्षा की अवधारणा विकसित की गयी। यह शिक्षा बच्चों के अनुसार व्यवस्था में परिवर्तन की बात करती है ताकि शारीरिक, सामाजिक, आर्थिक रूप से असमर्थ बच्चों की शिक्षा व्यवस्था सामान्य विद्यालयों में हो सके।