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Q: श्रीहर्ष का ग्रंथ है –
  • A. हितहरिवंश
  • B. नैषध काव्य
  • C. राजतरंगिणी
  • D. मेघदूत
Correct Answer: Option B - श्रीहर्ष गहड़वाल वंश के शासकों के आश्रित कवि थे। इनकी निम्नलिखित रचनाएं हैं – नैषधीचरितम्, स्थैर्यविचारप्रकरण, श्रीविजय प्रशस्ति , खण्डनखंडखाद्य, गौडोवशीकुलप्रशस्ति इत्यादि। राजतरंगिणी कल्हण की रचना है जबकि मेघदूतम् कालिदास का काव्य है।
B. श्रीहर्ष गहड़वाल वंश के शासकों के आश्रित कवि थे। इनकी निम्नलिखित रचनाएं हैं – नैषधीचरितम्, स्थैर्यविचारप्रकरण, श्रीविजय प्रशस्ति , खण्डनखंडखाद्य, गौडोवशीकुलप्रशस्ति इत्यादि। राजतरंगिणी कल्हण की रचना है जबकि मेघदूतम् कालिदास का काव्य है।

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श्रीहर्ष गहड़वाल वंश के शासकों के आश्रित कवि थे। इनकी निम्नलिखित रचनाएं हैं – नैषधीचरितम्, स्थैर्यविचारप्रकरण, श्रीविजय प्रशस्ति , खण्डनखंडखाद्य, गौडोवशीकुलप्रशस्ति इत्यादि। राजतरंगिणी कल्हण की रचना है जबकि मेघदूतम् कालिदास का काव्य है।