Correct Answer:
Option B - श्रीहर्ष गहड़वाल वंश के शासकों के आश्रित कवि थे। इनकी निम्नलिखित रचनाएं हैं – नैषधीचरितम्, स्थैर्यविचारप्रकरण, श्रीविजय प्रशस्ति , खण्डनखंडखाद्य, गौडोवशीकुलप्रशस्ति इत्यादि। राजतरंगिणी कल्हण की रचना है जबकि मेघदूतम् कालिदास का काव्य है।
B. श्रीहर्ष गहड़वाल वंश के शासकों के आश्रित कवि थे। इनकी निम्नलिखित रचनाएं हैं – नैषधीचरितम्, स्थैर्यविचारप्रकरण, श्रीविजय प्रशस्ति , खण्डनखंडखाद्य, गौडोवशीकुलप्रशस्ति इत्यादि। राजतरंगिणी कल्हण की रचना है जबकि मेघदूतम् कालिदास का काव्य है।