Correct Answer:
Option B - नेत्तिप्रकरण ग्रन्थ गौतम बुद्ध के उपदेशों से संबन्धित है। नेत्तिप्रकरण जिसे नेतिप्पाकरण या नेत्ति भी कहा जाता है। यह एक बौद्ध धर्मग्रन्थ है जिसे कभी-कभी थेरवाद बौद्ध धर्म के खुद्दक निकाय में शामिल किया जाता है। इस धर्म ग्रन्थ का मुख्य विषय बुद्ध के शिक्षाओं एवं उपदेशों का व्यवस्थीकरण करना है। श्रीलंकाई विद्वान धम्मपाल ने पांचवी शताब्दी में इस ग्रन्थ पर एक भाष्य लिखा। 1962 में इसका अंग्रेजी में ‘द गाईड’ नाम से भिक्खु नानमोली ने अनुवाद प्रस्तुत किया।
B. नेत्तिप्रकरण ग्रन्थ गौतम बुद्ध के उपदेशों से संबन्धित है। नेत्तिप्रकरण जिसे नेतिप्पाकरण या नेत्ति भी कहा जाता है। यह एक बौद्ध धर्मग्रन्थ है जिसे कभी-कभी थेरवाद बौद्ध धर्म के खुद्दक निकाय में शामिल किया जाता है। इस धर्म ग्रन्थ का मुख्य विषय बुद्ध के शिक्षाओं एवं उपदेशों का व्यवस्थीकरण करना है। श्रीलंकाई विद्वान धम्मपाल ने पांचवी शताब्दी में इस ग्रन्थ पर एक भाष्य लिखा। 1962 में इसका अंग्रेजी में ‘द गाईड’ नाम से भिक्खु नानमोली ने अनुवाद प्रस्तुत किया।