Correct Answer:
Option C - राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा-2005 में लिखा गया है कि बच्चों में भाषा सीखने की क्षमता जन्मजात होती है। बच्चे अपने घर, कुनबे, आस-पड़ोस आदि की भाषा स्वभाविक रूप से सीख लेते हैं। हम रोजमर्रा के अनुभव से जानते हैं कि ज्यादातर बच्चे, स्वूâल की शिक्षा की शुरुआत से पहले ही भाषा की जटिलताओं और नियमों को आत्मसात कर पूर्ण भाषिक क्षमता रखते हैं। वे न केवल उन भाषाओं को सही-सही बोल लेते हैं, बल्कि उनका उचित प्रयोग भी कर रहे होते हैं। यह प्रवृत्ति बच्चों में भाषा की जन्मजात क्षमता को दिखाती है।
C. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा-2005 में लिखा गया है कि बच्चों में भाषा सीखने की क्षमता जन्मजात होती है। बच्चे अपने घर, कुनबे, आस-पड़ोस आदि की भाषा स्वभाविक रूप से सीख लेते हैं। हम रोजमर्रा के अनुभव से जानते हैं कि ज्यादातर बच्चे, स्वूâल की शिक्षा की शुरुआत से पहले ही भाषा की जटिलताओं और नियमों को आत्मसात कर पूर्ण भाषिक क्षमता रखते हैं। वे न केवल उन भाषाओं को सही-सही बोल लेते हैं, बल्कि उनका उचित प्रयोग भी कर रहे होते हैं। यह प्रवृत्ति बच्चों में भाषा की जन्मजात क्षमता को दिखाती है।