Correct Answer:
Option B - केन्द्र-राज्य संबंधों पर विचार करने हेतु गठित राजमन्नार आयोग ने राज्यपाल के पद की समाप्ति की अनुशंसा की थी। जिसका गठन 22 सितम्बर, 1969 में तमिलनाडु सरकार द्वारा किया गया था। आयोग के अध्यक्ष पी. वी. राजमन्नार तथा दो सदस्य पी. सी. रेड्डी तथा डॉ. लक्ष्मणस्वामी मुदलियार थे। 1971 में प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में राजमन्नार आयोग नें संघ राज्य सम्बन्धों में योजना आयोग की भूमिका को नकारने के साथ-साथ केन्द्र सरकार द्वारा राज्यों में नियुक्त किये जाने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा (I.A.S.) तथा भारतीय पुलिस सेवा (I.P.S.) को समाप्त किये जाने की सिफारिश की थी। इस समिति ने यह सुझाव दिया कि अंतर्राज्यीय परिषद की स्थापना की जाये तथा केंद्रीय सरकार को रक्षा, विदेश मामलों, संचार, रेलवे और मुद्रा आदि के सम्बन्ध में राज्यों को परामर्श करना चाहिए। इनका सुझाव था कि वित्त आयोग स्थायी रूप से स्थापित किया जाय तथा राज्यों के पक्ष में करों का पहले से अधिक वितरण हो ताकि उन्हें केन्द्र पर कम से कम निर्भर रहना पड़े
B. केन्द्र-राज्य संबंधों पर विचार करने हेतु गठित राजमन्नार आयोग ने राज्यपाल के पद की समाप्ति की अनुशंसा की थी। जिसका गठन 22 सितम्बर, 1969 में तमिलनाडु सरकार द्वारा किया गया था। आयोग के अध्यक्ष पी. वी. राजमन्नार तथा दो सदस्य पी. सी. रेड्डी तथा डॉ. लक्ष्मणस्वामी मुदलियार थे। 1971 में प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में राजमन्नार आयोग नें संघ राज्य सम्बन्धों में योजना आयोग की भूमिका को नकारने के साथ-साथ केन्द्र सरकार द्वारा राज्यों में नियुक्त किये जाने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा (I.A.S.) तथा भारतीय पुलिस सेवा (I.P.S.) को समाप्त किये जाने की सिफारिश की थी। इस समिति ने यह सुझाव दिया कि अंतर्राज्यीय परिषद की स्थापना की जाये तथा केंद्रीय सरकार को रक्षा, विदेश मामलों, संचार, रेलवे और मुद्रा आदि के सम्बन्ध में राज्यों को परामर्श करना चाहिए। इनका सुझाव था कि वित्त आयोग स्थायी रूप से स्थापित किया जाय तथा राज्यों के पक्ष में करों का पहले से अधिक वितरण हो ताकि उन्हें केन्द्र पर कम से कम निर्भर रहना पड़े