Correct Answer:
Option A - शिवराजविजय नामक ऐतिहासिक काव्य के प्रणेता अम्बिकादत्त व्यास हैं। पाञ्चाली रीति में निबद्ध है। यह काव्य 1901 ई. में काशी से प्रकाशित हुआ। पाञ्चाली रीति की विशेषता है कि उसमें शब्द और अर्थ का समन्वय और संतुलन होता है।
A. शिवराजविजय नामक ऐतिहासिक काव्य के प्रणेता अम्बिकादत्त व्यास हैं। पाञ्चाली रीति में निबद्ध है। यह काव्य 1901 ई. में काशी से प्रकाशित हुआ। पाञ्चाली रीति की विशेषता है कि उसमें शब्द और अर्थ का समन्वय और संतुलन होता है।