Correct Answer:
Option B - ‘शिशु: मोदकाय रोदिति’ (बच्चा लड्डू के लिए रोता है।) यह वाक्य ‘तादर्थ्ये चतुर्थी वाच्या’ का उदाहरण है। जिस प्रयोजन के लिए कोई कार्य किया जाता है, उस (प्रयोजन) में चतुर्थी विभक्ति होती है: जैसे – आनन्द: ज्ञानाय प्रयतते। (आनन्द ज्ञान के लिए प्रयत्न करता है।)
B. ‘शिशु: मोदकाय रोदिति’ (बच्चा लड्डू के लिए रोता है।) यह वाक्य ‘तादर्थ्ये चतुर्थी वाच्या’ का उदाहरण है। जिस प्रयोजन के लिए कोई कार्य किया जाता है, उस (प्रयोजन) में चतुर्थी विभक्ति होती है: जैसे – आनन्द: ज्ञानाय प्रयतते। (आनन्द ज्ञान के लिए प्रयत्न करता है।)