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Q: 'Kantha' is a folk from of textile. Where does it come from? ‘काँथा’ टेक्सटाइल का लोक रूप है। यह कहाँ से हैं?
  • A. Orissa/उड़ीसा
  • B. Bihar/बिहार
  • C. Bengal/बंगाल
  • D. Andhra Pradesh/आन्ध्र प्रदेश
Correct Answer: Option C - ‘कांथा लोक कला’ बंगाल की है। अल्पना लोक कला भी बंगाल से संबंधित है। कांथा कढ़ाई बंगाल की प्राचीन कलाओं में से एक है। इस कला में पुरानी साड़ियों और धोती के सपेâद सूती कपड़े को जोड़कर निचली-निचली सतह बनाई जाती है, जिसके ऊपर कई परत बनाई जाती है। इसमें रंगीन धागों का बड़े ही धैर्य के साथ खूबसूरती से प्रयोग किया जाता है। • बिहार में मधुबनी लोक कला प्रचलित है तथा उड़ीसा में 17 वीं शताब्दी में पट चित्रण प्राय: टाट या कपड़े पर बनते थे।
C. ‘कांथा लोक कला’ बंगाल की है। अल्पना लोक कला भी बंगाल से संबंधित है। कांथा कढ़ाई बंगाल की प्राचीन कलाओं में से एक है। इस कला में पुरानी साड़ियों और धोती के सपेâद सूती कपड़े को जोड़कर निचली-निचली सतह बनाई जाती है, जिसके ऊपर कई परत बनाई जाती है। इसमें रंगीन धागों का बड़े ही धैर्य के साथ खूबसूरती से प्रयोग किया जाता है। • बिहार में मधुबनी लोक कला प्रचलित है तथा उड़ीसा में 17 वीं शताब्दी में पट चित्रण प्राय: टाट या कपड़े पर बनते थे।

Explanations:

‘कांथा लोक कला’ बंगाल की है। अल्पना लोक कला भी बंगाल से संबंधित है। कांथा कढ़ाई बंगाल की प्राचीन कलाओं में से एक है। इस कला में पुरानी साड़ियों और धोती के सपेâद सूती कपड़े को जोड़कर निचली-निचली सतह बनाई जाती है, जिसके ऊपर कई परत बनाई जाती है। इसमें रंगीन धागों का बड़े ही धैर्य के साथ खूबसूरती से प्रयोग किया जाता है। • बिहार में मधुबनी लोक कला प्रचलित है तथा उड़ीसा में 17 वीं शताब्दी में पट चित्रण प्राय: टाट या कपड़े पर बनते थे।