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Q: अभिकथन (A) : राजकोषीय नीति बन्द अर्थव्यवस्था की अपेक्षा खुली अर्थव्यवस्था में कम प्रभावी होती है। कारण (R) : क्योंकि, खुली अर्थव्यवस्था में गुणांक का मूल्य बंद अर्थव्यवस्था की अपेक्षा कम होता है।
  • A. A) और (R) दोनों सही हैं और (R) (A) की सही व्याख्या है।
  • B. (A) और (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R) (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. (A) सही है, परन्तु (R). गलत है।
  • D. (A) और (R) दोनों गलत हैं।
Correct Answer: Option B - राजकोषीय नीति के अन्तर्गत करारोपण, सार्वजनिक व्यय तथा सार्वजनिक ऋण के उन क्रिया–कलापों की विवेचना की जाती है जिनके द्वारा सरकार राष्ट्रीय आय, उत्पादन, रोजगार तथा मूल्य स्तर के सम्बन्ध में पूर्व निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति का प्रयास करती है। राजकोषीय नीति बंद अर्थव्यवस्था में ज्यादा प्रभावी होती है। राजकोषीय नीति की प्रभावशीलता IS–LM वक्र के आकार पर भी निर्भर करती है। इसके साथ ही गुणक की क्रियाशीलता पर भी राजकोषीय नीति की सफलता निर्भर करती है। गुणक में रिसाव होने पर आय में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो पाती।
B. राजकोषीय नीति के अन्तर्गत करारोपण, सार्वजनिक व्यय तथा सार्वजनिक ऋण के उन क्रिया–कलापों की विवेचना की जाती है जिनके द्वारा सरकार राष्ट्रीय आय, उत्पादन, रोजगार तथा मूल्य स्तर के सम्बन्ध में पूर्व निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति का प्रयास करती है। राजकोषीय नीति बंद अर्थव्यवस्था में ज्यादा प्रभावी होती है। राजकोषीय नीति की प्रभावशीलता IS–LM वक्र के आकार पर भी निर्भर करती है। इसके साथ ही गुणक की क्रियाशीलता पर भी राजकोषीय नीति की सफलता निर्भर करती है। गुणक में रिसाव होने पर आय में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो पाती।

Explanations:

राजकोषीय नीति के अन्तर्गत करारोपण, सार्वजनिक व्यय तथा सार्वजनिक ऋण के उन क्रिया–कलापों की विवेचना की जाती है जिनके द्वारा सरकार राष्ट्रीय आय, उत्पादन, रोजगार तथा मूल्य स्तर के सम्बन्ध में पूर्व निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति का प्रयास करती है। राजकोषीय नीति बंद अर्थव्यवस्था में ज्यादा प्रभावी होती है। राजकोषीय नीति की प्रभावशीलता IS–LM वक्र के आकार पर भी निर्भर करती है। इसके साथ ही गुणक की क्रियाशीलता पर भी राजकोषीय नीति की सफलता निर्भर करती है। गुणक में रिसाव होने पर आय में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो पाती।