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Q: शास्त्रजल के प्रक्षालन से निर्मल बुद्धि भी कालुष्य को प्राप्त होती है
  • A. यौवनारम्भ में
  • B. वृद्धावस्था में
  • C. शैशवास्था में
  • D. विद्यारम्भ में
Correct Answer: Option A - यौवनारम्भ में शास्त्रजल के प्रक्षालन से भी निर्मल बुद्धि भी कालुष्य को प्राप्त होती है। अर्थात् - युवावस्था में अनेक गुणों से युक्त तथा अनन्य ज्ञानी जनों की बुद्धि भी कलुषता को प्राप्त हो जाती है।
A. यौवनारम्भ में शास्त्रजल के प्रक्षालन से भी निर्मल बुद्धि भी कालुष्य को प्राप्त होती है। अर्थात् - युवावस्था में अनेक गुणों से युक्त तथा अनन्य ज्ञानी जनों की बुद्धि भी कलुषता को प्राप्त हो जाती है।

Explanations:

यौवनारम्भ में शास्त्रजल के प्रक्षालन से भी निर्मल बुद्धि भी कालुष्य को प्राप्त होती है। अर्थात् - युवावस्था में अनेक गुणों से युक्त तथा अनन्य ज्ञानी जनों की बुद्धि भी कलुषता को प्राप्त हो जाती है।