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Q: श्रवणकौशलाभिवर्धने अत्यन्तपरिणामकारीणि कर्तव्यानि
  • A. श्रवणात् पूर्वं छात्रा: स्वयं पठेयु:
  • B. किमर्थं शृण्वन्तीति छात्रा: पूर्वमेव जानीयु:
  • C. सविस्तरं विवरणम् श्रवणात् पूर्वं भवेत्
  • D. श्रवणाय परिचितानां पाठ्यानाम् उपयोग:
Correct Answer: Option D - श्रवण (सुनना) कौशल बढ़ाने में ‘सुनने के लिए परिचित पाठों का प्रयोग अत्यन्त परिणामकारी होता है। इससे छात्रों में पाठ की श्रवण करने की रुचि बढ़ती है। श्रवण से सुपरिचित पाठों का उपयोग होता है। श्रवण कौशल, के अभिवर्धन से ज्ञानात्मक अभिवृद्धि होती है।
D. श्रवण (सुनना) कौशल बढ़ाने में ‘सुनने के लिए परिचित पाठों का प्रयोग अत्यन्त परिणामकारी होता है। इससे छात्रों में पाठ की श्रवण करने की रुचि बढ़ती है। श्रवण से सुपरिचित पाठों का उपयोग होता है। श्रवण कौशल, के अभिवर्धन से ज्ञानात्मक अभिवृद्धि होती है।

Explanations:

श्रवण (सुनना) कौशल बढ़ाने में ‘सुनने के लिए परिचित पाठों का प्रयोग अत्यन्त परिणामकारी होता है। इससे छात्रों में पाठ की श्रवण करने की रुचि बढ़ती है। श्रवण से सुपरिचित पाठों का उपयोग होता है। श्रवण कौशल, के अभिवर्धन से ज्ञानात्मक अभिवृद्धि होती है।