Correct Answer:
Option C - ईंट निर्माण के दौरान मैग्नीशिया की मात्रा को बहुत थोड़ी मात्रा में प्रयोग किया जाता है जिससे कि एक अच्छी ईंट का निर्माण हो सके और यह ईंट को पीलापन प्रदान करता है व संकुचन को कम करता है।
ईंट में लौह ऑक्साइड की मात्रा 5% से अधिक हो जाने पर ईंट का रंग लाल से काला होने लगता है तथा सिलिका की अधिक मात्रा से ईंट के भंगुर होने की संभावना बढ़ जाती है तथा एल्युमिना की अधिक मात्रा ईंट को दरारें व टेड़ापन प्रदान कर सकता है। अत: एक अच्छी ईंट के निर्माण में इन सभी अवयवों का एक निश्चित एवं उचित अनुपात में प्रयोग किया जाता है।
C. ईंट निर्माण के दौरान मैग्नीशिया की मात्रा को बहुत थोड़ी मात्रा में प्रयोग किया जाता है जिससे कि एक अच्छी ईंट का निर्माण हो सके और यह ईंट को पीलापन प्रदान करता है व संकुचन को कम करता है।
ईंट में लौह ऑक्साइड की मात्रा 5% से अधिक हो जाने पर ईंट का रंग लाल से काला होने लगता है तथा सिलिका की अधिक मात्रा से ईंट के भंगुर होने की संभावना बढ़ जाती है तथा एल्युमिना की अधिक मात्रा ईंट को दरारें व टेड़ापन प्रदान कर सकता है। अत: एक अच्छी ईंट के निर्माण में इन सभी अवयवों का एक निश्चित एवं उचित अनुपात में प्रयोग किया जाता है।