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Q: श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द-युग्म ‘चरम-चर्म’ का उचित अर्थ है–
  • A. टूटना - शाश्वत
  • B. श्रेष्ठ - शक्तिहीन
  • C. अंतिम सीमा - चमड़ा
  • D. चमड़ा - अंतिम सत्य
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - दिये गये विकल्पों में श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द-युग्म ‘चरम - चर्म’ का उचित अर्थ है – ‘अंतिम सीमा – चमड़ा।’ श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द :– ऐसे शब्द जो पढ़ने और सुनने में लगभग एक से लगते हैं, परन्तु अर्थ की दृष्टि से भिन्न होते हैं, श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द कहलाते हैं। जैसे– शब्द अर्थ (i) अवधि - समय अवधी - भाषा (ii) अम्बुज - कमल अंबुधि - सागर
C. दिये गये विकल्पों में श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द-युग्म ‘चरम - चर्म’ का उचित अर्थ है – ‘अंतिम सीमा – चमड़ा।’ श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द :– ऐसे शब्द जो पढ़ने और सुनने में लगभग एक से लगते हैं, परन्तु अर्थ की दृष्टि से भिन्न होते हैं, श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द कहलाते हैं। जैसे– शब्द अर्थ (i) अवधि - समय अवधी - भाषा (ii) अम्बुज - कमल अंबुधि - सागर

Explanations:

दिये गये विकल्पों में श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द-युग्म ‘चरम - चर्म’ का उचित अर्थ है – ‘अंतिम सीमा – चमड़ा।’ श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द :– ऐसे शब्द जो पढ़ने और सुनने में लगभग एक से लगते हैं, परन्तु अर्थ की दृष्टि से भिन्न होते हैं, श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द कहलाते हैं। जैसे– शब्द अर्थ (i) अवधि - समय अवधी - भाषा (ii) अम्बुज - कमल अंबुधि - सागर