search
Q: पियाजे ने प्रारम्भिक बाल्यावस्था (2-7 वर्ष) को _______ के रूप में वर्गीकृत किया है।
  • A. formal operational/औपचारिक परिचालन
  • B. sensorimotor/संवेदीगामक
  • C. pre operational/पूर्व परिचालन
  • D. concrete operational/मूर्त संक्रियात्मक
Correct Answer: Option C - :पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational stage):- पियाजे के सिद्धान्त की यह दूसरी अवस्था है जो 2-7 वर्ष तक ही होती है। इस चरण के दौरान बच्चे, वस्तु स्थायित्व पर निर्माण करते है और अमूर्त मानसिक प्रक्रियाओं को विकसित करना जारी रखते है। इसका मतलब है कि बच्चें भौतिक दुनिया से परे चीजों के बारे में सोच सकते है। जैसे– कि अतीत में हुई चीजे या घटनायें। Note- पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धान्त की चार अवस्थाएँ होती है- (1) संवेदीगामक अवस्था (Sensorimotor stage )-(0-2 वर्ष ) (2) पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (Pre operational stage)-2-7 वर्ष (3) ठोस परिचालन अवस्था (Concrete operational stage)-7-11 वर्ष (4) औपचारिक परिचालन अवस्था (Formal operational stage) -12 वर्ष
C. :पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational stage):- पियाजे के सिद्धान्त की यह दूसरी अवस्था है जो 2-7 वर्ष तक ही होती है। इस चरण के दौरान बच्चे, वस्तु स्थायित्व पर निर्माण करते है और अमूर्त मानसिक प्रक्रियाओं को विकसित करना जारी रखते है। इसका मतलब है कि बच्चें भौतिक दुनिया से परे चीजों के बारे में सोच सकते है। जैसे– कि अतीत में हुई चीजे या घटनायें। Note- पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धान्त की चार अवस्थाएँ होती है- (1) संवेदीगामक अवस्था (Sensorimotor stage )-(0-2 वर्ष ) (2) पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (Pre operational stage)-2-7 वर्ष (3) ठोस परिचालन अवस्था (Concrete operational stage)-7-11 वर्ष (4) औपचारिक परिचालन अवस्था (Formal operational stage) -12 वर्ष

Explanations:

:पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (Pre-operational stage):- पियाजे के सिद्धान्त की यह दूसरी अवस्था है जो 2-7 वर्ष तक ही होती है। इस चरण के दौरान बच्चे, वस्तु स्थायित्व पर निर्माण करते है और अमूर्त मानसिक प्रक्रियाओं को विकसित करना जारी रखते है। इसका मतलब है कि बच्चें भौतिक दुनिया से परे चीजों के बारे में सोच सकते है। जैसे– कि अतीत में हुई चीजे या घटनायें। Note- पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धान्त की चार अवस्थाएँ होती है- (1) संवेदीगामक अवस्था (Sensorimotor stage )-(0-2 वर्ष ) (2) पूर्व संक्रियात्मक अवस्था (Pre operational stage)-2-7 वर्ष (3) ठोस परिचालन अवस्था (Concrete operational stage)-7-11 वर्ष (4) औपचारिक परिचालन अवस्था (Formal operational stage) -12 वर्ष