Correct Answer:
Option C - ‘उदधि आइ तेइ बन्धन कीन्हा।
इति दसमाथ अमर पद लीन्हा।’
उक्त पंक्तियों के रचनाकार मलिक मुहम्मद जायसी हैं। ये पंक्तियाँ जायसी जी के प्रसिद्ध सूफी परम्परा के महाकाव्य ‘पद्मावत’ के ‘लक्ष्मी-समुद्र-खंड’ से ली गयी है। दोहा और चौपाई छंद में लिखे गये इस महाकाव्य की भाषा अवधी है। इसकी रचना सन् 947 हिजरी (1540 ई.) में हुई थी।
विजयदेव नारायण शाही ने पद्मावत को हिन्दी की अपने ढंग की अकेली ‘ट्रेजिक’ कृति कहा।
आचार्य शुक्ल ने पद्मावत को ‘समासोक्ति काव्य’ कहा है।
C. ‘उदधि आइ तेइ बन्धन कीन्हा।
इति दसमाथ अमर पद लीन्हा।’
उक्त पंक्तियों के रचनाकार मलिक मुहम्मद जायसी हैं। ये पंक्तियाँ जायसी जी के प्रसिद्ध सूफी परम्परा के महाकाव्य ‘पद्मावत’ के ‘लक्ष्मी-समुद्र-खंड’ से ली गयी है। दोहा और चौपाई छंद में लिखे गये इस महाकाव्य की भाषा अवधी है। इसकी रचना सन् 947 हिजरी (1540 ई.) में हुई थी।
विजयदेव नारायण शाही ने पद्मावत को हिन्दी की अपने ढंग की अकेली ‘ट्रेजिक’ कृति कहा।
आचार्य शुक्ल ने पद्मावत को ‘समासोक्ति काव्य’ कहा है।