Correct Answer:
Option C - चन्द्रगुप्त द्वितीय को ‘शक-विजेता’ कहा जाता है। (पश्चिमी तट पर निवास करने वाली शक जाति के विजय के उपरान्त चन्द्रगुप्त द्वितीय ने विक्रमादित्य की उपाधि धारण की तथा भारतीय अनुश्रुतियों में उसे शकारि (शकों का शत्रु) के रूप में स्मरण किया जाता है।
C. चन्द्रगुप्त द्वितीय को ‘शक-विजेता’ कहा जाता है। (पश्चिमी तट पर निवास करने वाली शक जाति के विजय के उपरान्त चन्द्रगुप्त द्वितीय ने विक्रमादित्य की उपाधि धारण की तथा भारतीय अनुश्रुतियों में उसे शकारि (शकों का शत्रु) के रूप में स्मरण किया जाता है।