Correct Answer:
Option C - मिहिर भोज या भोज प्रथम (836-885) का शासनकाल प्रतिहार साम्राज्य के लिये स्वर्णकाल माना गया है। भोज वैष्णव धर्मानुयायी था। उसने आदिवाराह तथा प्रभास जैसी उपाधियां धारण की जो उसके द्वारा चलाये गये चाँदी के ‘द्रम्म’ सिक्कों पर भी अंकित है।
C. मिहिर भोज या भोज प्रथम (836-885) का शासनकाल प्रतिहार साम्राज्य के लिये स्वर्णकाल माना गया है। भोज वैष्णव धर्मानुयायी था। उसने आदिवाराह तथा प्रभास जैसी उपाधियां धारण की जो उसके द्वारा चलाये गये चाँदी के ‘द्रम्म’ सिक्कों पर भी अंकित है।